उत्तर प्रदेश में पुलिस बर्बरता के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जब व्हीलचेयर पर बैठे एक व्यक्ति ने बयान दिया कि वह अब उत्तर प्रदेश नहीं आएंगे। यह बयान उस व्यक्ति ने दिया है जिस पर भोपाल से काशी आकर लूटपाट करने का आरोप है। व्यक्ति ने व्हीलचेयर पर बैठे हुए माफी मांगी और कहा कि योगी की पुलिस बहुत मारती है, जिससे वह अब उत्तर प्रदेश आने से डर रहा है। यह मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति, जो वर्तमान में व्हीलचेयर पर है, ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उसने बताया कि वह भोपाल से काशी आया था और वहां लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। जब उससे पूछा गया कि उसने ऐसा क्यों किया, तो उसने कहा कि आर्थिक तंगी और मजबूरी के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा। व्यक्ति ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश में पहले भी कई बार पुलिस की बर्बरता का शिकार हो चुका है। उसने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में पुलिस का रवैया बहुत सख्त हो गया है और आम नागरिकों को भी प्रताड़ित किया जाता है। उसने दावा किया कि पुलिस बिना किसी सबूत के लोगों को उठा लेती है और उन्हें बुरी तरह पीटती है। जब उससे पूछा गया कि वह उत्तर प्रदेश में अपराध करने के बाद काशी क्यों आया, तो उसने कहा कि उसे लगा कि काशी में वह सुरक्षित रहेगा। लेकिन वहां भी उसे पुलिस का डर सता रहा है। उसने कहा कि उत्तर प्रदेश में रहना अब उसके लिए असंभव हो गया है क्योंकि पुलिस उसे ढूंढ रही है और उसे डर है कि कहीं उसे फिर से प्रताड़ित न किया जाए। व्यक्ति ने व्हीलचेयर पर बैठे हुए मीडिया से कहा कि वह अब उत्तर प्रदेश नहीं आएगा और न ही वहां के किसी भी हिस्से में कदम रखेगा। उसने कहा कि योगी की पुलिस ने उसे इतना डरा दिया है कि अब वह उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने से भी डरता है। उसने कहा कि वह अब कहीं और जाकर शांति से रहना चाहता है जहाँ उसे पुलिस का डर न हो। इस मामले ने उत्तर प्रदेश में पुलिस-जनता के संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस की कार्यप्रणाली से आम जनता कितनी डरी हुई है। व्यक्ति का व्हीलचेयर पर बैठकर माफी मांगना और उत्तर प्रदेश न आने का बयान यह दर्शाता है कि पुलिस की बर्बरता का असर लोगों के मन पर कितना गहरा पड़ा है। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती है। क्या योगी सरकार के 'थ्री स्ट्राइक' और 'एनकाउंटर' की नीति से आम जनता डर रही है या यह पुलिस की अतिशयता का परिणाम है? यह एक गंभीर प्रश्न है जिसका उत्तर मिलना चाहिए। व्यक्ति ने कहा कि वह अब उत्तर प्रदेश में नहीं आएगा और न ही वहां के किसी भी हिस्से में कदम रखेगा। उसने कहा कि योगी की पुलिस ने उसे इतना डरा दिया है कि अब वह उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने से भी डरता है। उसने कहा कि वह अब कहीं और जाकर शांति से रहना चाहता है जहाँ उसे पुलिस का डर न हो। इस मामले ने उत्तर प्रदेश में पुलिस-जनता के संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस की कार्यप्रणाली से आम जनता कितनी डरी हुई है। व्यक्ति का व्हीलचेयर पर बैठकर माफी मांगना और उत्तर प्रदेश न आने का बयान यह दर्शाता है कि पुलिस की बर्बरता का असर लोगों के मन पर कितना गहरा पड़ा है। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती है। क्या योगी सरकार के 'थ्री स्ट्राइक' और 'एनकाउंटर' की नीति से आम जनता डर रही है या यह पुलिस की अतिशयता का परिणाम है? यह एक गंभीर प्रश्न है जिसका उत्तर मिलना चाहिए। व्यक्ति ने कहा कि वह अब उत्तर प्रदेश में नहीं आएगा और न ही वहां के किसी भी हिस्से में कदम रखेगा। उसने कहा कि योगी की पुलिस ने उसे इतना डरा दिया है कि अब वह उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने से भी डरता है। उसने कहा कि वह अब कहीं और जाकर शांति से रहना चाहता है जहाँ उसे पुलिस का डर न हो। इस मामले ने उत्तर प्रदेश में पुलिस-जनता के संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस की कार्यप्रणाली से आम जनता कितनी डरी हुई है। व्यक्ति का व्हीलचेयर पर बैठकर माफी मांगना और उत्तर प्रदेश न आने का बयान यह दर्शाता है कि पुलिस की बर्बरता का असर लोगों के मन पर कितना गहरा पड़ा है। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती है। क्या योगी सरकार के 'थ्री स्ट्राइक' और 'एनकाउंटर' की नीति से आम जनता डर रही है या यह पुलिस की अतिशयता का परिणाम है? यह एक गंभीर प्रश्न है जिसका उत्तर मिलना चाहिए।