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43 पुल-पुलियों के पुनर्निर्माण की परियोजना में 10 कार्य पूरे, सामग्री की गुणवत्ता जांच न होने पर जताई नाराजगी

कानपुर। मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर श्री अभिनव जे. जैन ने शनिवार को कानपुर प्रखण्ड, निचली गंगा नहर के अंतर्गत घाटमपुर राजवाह पर क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों एवं अन्य पक्के कार्यों के पुनर्निर्माण एवं नवीन निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता रामप्रकाश एवं अवर अभियंता उपस्थित रहे।

परियोजना के तहत कानपुर नगर, कानपुर देहात और फतेहपुर जनपदों में कुल 43 छोटे पुल-पुलियों एवं अन्य पक्के कार्यों का पुनर्निर्माण एवं नवीन निर्माण कराया जाना है। इनमें कानपुर नगर की सीमा में 22 पुल-पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें अब तक 10 कार्य पूर्ण कराए जा चुके हैं।

परियोजना की कुल लागत 7.83 करोड़ रुपये है। कार्य को जून 2026 तक पूर्ण किया जाना था, लेकिन निर्धारित अवधि में कार्य पूरा न होने के कारण अब नई समय-सीमा 31 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है।

निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने पाया कि परियोजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अभी तक आवश्यक परीक्षण नहीं कराया गया है। वहीं, पिछले वर्ष कराया गया बियरिंग कोट का कार्य भी क्षतिग्रस्त पाया गया। इस पर सीडीओ ने संबंधित सहायक अभियंता को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त बियरिंग कोट को तत्काल दुरुस्त कराया जाए और परियोजना के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण कराए जाएं।

17 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण अभी शुरू नहीं

इसके बाद सीडीओ ने विकासखंड पतारा की ग्राम पंचायत पतारा प्रथम में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी पतारा एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए उपस्थित रहे।

खंड विकास अधिकारी ने बताया कि विकासखंड में कुल 31 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से 17 भवनों का कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है। वहीं, श्री शैलेन्द्र गोस्वामी को आवंटित पांच केंद्रों में से चार केंद्रों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी पतारा एवं अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा को निर्देशित किया कि प्रतिदिन दो आंगनबाड़ी केंद्रों का अलग-अलग निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट परियोजना निदेशक डीआरडीए, कानपुर नगर को भेजी जाए। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सात दिवस के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।

शिक्षक प्रशिक्षण में छह शिक्षक मिले अनुपस्थित

सीडीओ ने पतारा प्रथम प्राथमिक विद्यालय में चल रहे एफएलएन पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी निरीक्षण किया। प्रशिक्षण में सहायक अध्यापक एवं एआरपी द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा था।

प्रशिक्षणार्थी शिक्षकों की उपस्थिति की जांच के दौरान कुल 36 शिक्षकों में छह शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। सीडीओ ने अनुपस्थित शिक्षकों के संबंध में पृथक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश एआरपी को दिए।

उन्होंने प्रशिक्षण में उपस्थित शिक्षकों से गंभीरता एवं पूरी तत्परता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने को कहा। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को विद्यालय के बच्चों तक पहुंचाकर उन्हें इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए।