कानपुर में विशेष सारांश पुनरावलोकन (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से नौ लाख मतदाताओं के नाम कटाने की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। निर्वाचन विभाग द्वारा जारी अंतिम सूची के अनुसार, जिन मतदाताओं ने अपना नाम कटाने के लिए कोई जवाब नहीं दिया था, उन्हें सूची से हटा दिया गया है। यह प्रक्रिया पिछले कई महीनों से चल रही थी, जिसमें नगर निगम के अधिकारियों ने घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया था।

विशेष सारांश पुनरावलोकन (SIR) के तहत नगर निगम और जिला प्रशासन ने पूरे शहर में व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण किया था। इस दौरान लगभग 12 लाख 50 हजार मतदाताओं की पहचान की गई थी, जिनमें से नौ लाख 25 हजार मतदाताओं ने अपना नाम कटाने के लिए जवाब नहीं दिया था। इसके बाद निर्वाचन विभाग ने अंतिम सूची तैयार की है।

कानपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से नियम-आधारित और कानूनी रूप से मान्य है। जिन मतदाताओं ने अपना नाम कटाने के लिए जवाब नहीं दिया, उन्हें सूची से हटा दिया गया है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह प्रक्रिया केवल एक बार की गई है और भविष्य में फिर से मतदाता सूची का पुनरावलोकन किया जाएगा।

मतदाता सूची से नाम कटाने की इस प्रक्रिया ने कई लोगों में असंतोष पैदा किया है। कुछ राजनीतिक दलों ने इस कदम की आलोचना की है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को साफ करने के लिए आवश्यक थी।

कानपुर में मतदाता सूची से नौ लाख नाम कटाए जाने की इस खबर से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आगामी चुनावों के लिए यह एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।