अलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए लखनऊ की मेयर सुशीला खड़वाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करने का निर्देश दिया है। यह आदेश एक मामले की सुनवाई के दौरान आया है, जिसमें मेयर के पद पर चुने गए व्यक्ति ने अभी तक शपथ नहीं ली है। न्यायालय ने इस मामले में मेयर के रूप में कार्य करने पर रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक मेयर के रूप में मेयर सुशीला खड़वाल द्वारा लिए गए कोई भी निर्णय या आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं माने जाएंगे। न्यायालय ने कहा है कि जब तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक मेयर के रूप में मेयर सुशीला खड़वाल द्वारा लिए गए कोई भी निर्णय या आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं माने जाएंगे। न्यायालय ने कहा है कि जब तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक मेयर के रूप में मेयर सुशीला खड़वाल द्वारा लिए गए कोई भी निर्णय या आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं माने जाएंगे। अलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए लखनऊ की मेयर सुशीला खड़वाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करने का निर्देश दिया है। यह आदेश एक मामले की सुनवाई के दौरान आया है, जिसमें मेयर के पद पर चुने गए व्यक्ति ने अभी तक शपथ नहीं ली है। न्यायालय ने इस मामले में मेयर के रूप में कार्य करने पर रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक मेयर के रूप में मेयर सुशीला खड़वाल द्वारा लिए गए कोई भी निर्णय या आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं माने जाएंगे। न्यायालय ने कहा है कि जब तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक मेयर के रूप में मेयर सुशीला खड़वाल द्वारा लिए गए कोई भी निर्णय या आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं माने जाएंगे। न्यायालय ने कहा है कि जब तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक मेयर के रूप में मेयर सुशीला खड़वाल द्वारा लिए गए कोई भी निर्णय या आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं माने जाएंगे। अलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए लखनऊ की मेयर सुशीला खड़वाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करने का निर्देश दिया है। यह आदेश एक मामले की सुनवाई के दौरान आया है, जिसमें मेयर के पद पर चुने गए व्यक्ति ने अभी तक शपथ नहीं ली है। न्यायालय ने इस मामले में मेयर के रूप में कार्य करने पर रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक मेयर के रूप में मेयर सुशीला खड़वाल द्वारा लिए गए कोई भी निर्णय या आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं माने जाएंगे। न्यायालय ने कहा है कि जब तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक मेयर के रूप में मेयर सुशीला खड़वाल द्वारा लिए गए कोई भी निर्णय या आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं माने जाएंगे। न्यायालय ने कहा है कि जब तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक मेयर के रूप में मेयर सुशीला खड़वाल द्वारा लिए गए कोई भी निर्णय या आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं माने जाएंगे।