लखनऊ की मेयर के सभी अधिकार छिने गए हैं। यह निर्णय उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा सुनाया गया है। न्यायालय ने यह आदेश दिया है कि मेयर के रूप में शपथ लेने वाले सपा पार्षद को तत्काल शपथ दिलाई जाए। साथ ही, नगर निगम के अन्य अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि मेयर के सभी अधिकार और कार्यक्षेत्र को बहाल किया जाए। यह मामला पिछले पांच महीनों से लंबित था, जिसके कारण मेयर के अधिकार बाधित थे। न्यायालय ने नगर निगम के कमिश्नर को इस मामले में नोटिस जारी किया है। यह आदेश नगर निगम के प्रशासन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। मेयर के अधिकार बहाल होने से नगर निगम के विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
हाईकोर्ट ने लखनऊ की मेयर के अधिकार छीने, सपा पार्षद को शपथ दिलाने में देरी पर आदेश
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