कन्नौज में मंत्री असीम अरुण की सार्वजनिक उपस्थिति अचानक समाप्त; डी एम की अनुपस्थिति पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता

कन्नौज के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में, मंत्री असीम अरुण की उपस्थिति अचानक कार्यक्रम स्थल से प्रस्थान के साथ समाप्त हो गई। यह घटना तब हुई जब कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कन्नौज के जिला अधिकारी (डी एम) का उपस्थित होना अनिवार्य था, लेकिन उनके आगमन में विलंब के कारण कार्यक्रम स्थल पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मंत्री के धैर्य का अंत 45 मिनट की प्रतीक्षा के बाद हुआ, जिसके बाद उन्होंने अपना भाषण छोड़ दिया और कार्यक्रम स्थल से बाहर चले गए।

यह घटना उस समय घटी जब कन्नौज में राजनीतिक हलचल तेज थी। मंत्री असीम अरुण के अचानक प्रस्थान से कार्यक्रम में शामिल जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में हताशा की लहर दौड़ गई। उनके इस अचानक प्रस्थान ने कार्यक्रम के आयोजन में प्रशासनिक चूक को उजागर कर दिया। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरकार की समन्वय की कमी को लेकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं और डी एम का कार्यक्रम में न आना जनता के साथ विश्वासघात क्यों है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता के लिए ऐसे कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि और जिला प्रशासन का सम्मिलित रूप से उपस्थित होना आवश्यक है।

इस घटना के बाद, मंत्री असीम अरुण की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया। कन्नौज के जिला अधिकारी के कार्यालय की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसा हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में मंत्री का शामिल न होना प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। कन्नौज जैसे महत्वपूर्ण जिले में, जहाँ विकास परियोजनाओं को गति देना सरकार की प्राथमिकता है, ऐसे सार्वजनिक मतभेद विपक्ष को सरकार को घेरने का एक नया मुद्दा दे देते हैं।