लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उच्च न्यायालय ने लखनऊ की मेयर सुष्मा Kharkwal के विरुद्ध एक कड़ा आदेश जारी किया है, जिसमें उन्हें प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार पूरी तरह से सीज करने का निर्देश दिया गया है। यह निर्णय एक विशेष सुनवाई के दौरान आया है, जिसमें न्यायालय ने मेयर के कार्यों और उनके द्वारा किए गए कथित अनियमितताओं की समीक्षा की। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक आगे की जांच नहीं हो जाती, मेयर के पास नगर निगम के दैनिक कामकाज में कोई भी निर्णय लेने की शक्ति नहीं होगी। यह कदम नगर निगम प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, मेयर सुष्मा Kharkwal को नगर निगम के सभी प्रशासनिक और वित्तीय मामलों से अलग कर दिया गया है। न्यायालय ने कहा है कि मेयर के पास अब न तो बजट स्वीकृत करने, न ही ठेकेदारों के भुगतान या नगर निगम की संपत्ति के प्रबंधन का अधिकार होगा। यह आदेश नगर निगम के वित्त पर मेयर के प्रभाव पर रोक लगाने के लिए दिया गया है, जो कि पिछले कुछ समय से विवाद का विषय बना हुआ था। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि मेयर के पास केवल औपचारिक भूमिका होगी और वास्तविक निर्णय लेने की प्रक्रिया अब नगर निगम के कमिश्नर और अन्य अधिकारियों के हाथ में होगी। यह मामला तब सामने आया जब एक याचिकाकर्ता ने मेयर के विरुद्ध आरोप लगाए कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर नगर निगम के धन का गलत उपयोग किया है। याचिका में यह भी कहा गया कि मेयर ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कई ऐसे निर्णय लिए जो जनता के हित में नहीं थे। उच्च न्यायालय ने इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मेयर के अधिकार सीज करने का निर्णय लिया। न्यायालय ने कहा है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, मेयर को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या वित्तीय अनुमति देने से रोका जाए। मेयर सुष्मा Kharkwal ने इस आदेश के विरुद्ध अपील करने की संभावना व्यक्त की है, लेकिन उच्च न्यायालय का निर्णय नगर निगम के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह आदेश यह भी स्पष्ट करता है कि मेयर के पास केवल एक प्रतिनिधि की भूमिका होगी और वास्तविक शक्ति नगर निगम के अधिकारियों के पास होगी। यह निर्णय लखनऊ के नगर प्रशासन में एक नया अध्याय शुरू कर सकता है, जहाँ मेयर की भूमिका केवल औपचारिक होगी और वास्तविक निर्णय लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से पेशेवर होगी।