उत्तर प्रदेश सरकार ने आज वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बार बजट का कुल आकार लगभग ₹9.12 लाख करोड़ रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12–13 प्रतिशत अधिक है। यह अब तक का राज्य का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है।
टैक्स के लिहाज से इस बजट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने कोई नया राज्य-स्तरीय कर लगाने की घोषणा नहीं की है। यानी आम जनता पर अतिरिक्त टैक्स बोझ नहीं डाला गया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि टैक्स दरों में बड़ा बदलाव नहीं किया गया है और मौजूदा व्यवस्था को ही जारी रखा जाएगा।
इनकम टैक्स और जीएसटी जैसे प्रमुख कर केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इसलिए उनमें राज्य बजट के जरिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। राज्य स्तर पर वाहन कर, स्टाम्प शुल्क, बिजली शुल्क आदि में भी किसी बड़ी वृद्धि की घोषणा नहीं हुई है।
बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। पूंजीगत व्यय बढ़ाकर विकास कार्यों को गति देने की बात कही गई है। सरकार का दावा है कि वित्तीय अनुशासन और बेहतर टैक्स संग्रह व्यवस्था के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति संतुलित बनी हुई है।
कुल मिलाकर यह बजट टैक्स बढ़ाए बिना विकास को गति देने पर केंद्रित माना जा रहा है। आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि कोई नया कर नहीं लगाया गया है, जबकि विकास योजनाओं के लिए खर्च में वृद्धि की गई है।