किस शहर में पुलिस कमिश्नरेट नियुक्त हो सकता है
टीम पुलिस प्रहरी सूर्या •10 फ़रवरी 2026

पुलिस कमिश्नरेट की नियुक्ति (या पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने) का निर्णय कब और क्यों होता है — सरल भाषा में समझें: भारत में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम एक विशेष प्रशासनिक व्यवस्था है जहाँ शहर/शहरी क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की प्रभावी निगरानी और नियंत्रण के लिए पुलिस को व्यापक अधिकार दिए जाते हैं। सामान्य पुलिस व्यवस्था में कई निर्णय (जैसे मजिस्ट्रेटल पावर) जिला मजिस्ट्रेट के पास होते हैं, लेकिन कमिश्नरेट सिस्टम में ये शक्तियाँ पुलिस कमिश्नर को दी जाती हैं ताकि तेज और प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।
पुलिस कमिश्नरेट कब लागू (या पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति) की जा सकती है:
जब शहर का आकार बड़ा हो और आबादी अधिक हो:
पुलिस कमिश्नरेट सामान्यतः उन शहरों में लागू किया जाता है जहाँ आबादी अधिक है, शहरीकरण तेज है और कानून-व्यवस्था की समस्याएँ जटिल हैं। ऐसे क्षेत्र में पुलिस को निर्णय लेने की गति बढ़ाने की जरूरत महसूस होती है
जब अपराध की घटनाएँ बढ़ रही हों या कानून-व्यवस्था चुनौतीपूर्ण हो:
यदि किसी शहर में अपराध बढ़ते हैं या पारंपरिक जिला-पुलिस व्यवस्था से प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा, तो राज्य सरकार कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने का निर्णय ले सकती है ताकि तेज़ और स्वतंत्र पुलिस नियंत्रण सुनिश्चित हो सके
राज्य सरकार (गृह विभाग) का निर्णय:
पुलिस कमिश्नरेट लागू करने का औपचारिक निर्णय राज्य सरकार (राज्य-केन्द्र सबसे बड़ी भूमिका राज्य सरकार की होती है) द्वारा लिया जाता है। इसमें गृह विभाग और मुख्यमंत्री/कैबिनेट की मंज़ूरी शामिल होती है। निर्णय के बाद नियम व अधिसूचना जारी कर पुलिस कमिश्नर और अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाती है।
कानूनी या प्रशासनिक तैयारियाँ पूरी होने पर:
कमिश्नरेट लागू करने से पहले कई बार अनुभागीय ड्राफ्ट, अधिनियम संशोधन, ज़ोन विभाजन जैसी प्रशासनिक तैयारियाँ करनी पड़ती हैं। जब ये प्रक्रियाएँ पूरी हो जाती हैं और अधिसूचना जारी हो जाती है, तभी पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति होती है।