लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 7 से 21 मई तक होने वाली स्वगणना (जनगणना) के लिए नागरिकों को 15 दिन का विशेष अवसर दिया गया है। इस अवधि में लोग अपने घरों का डेटा स्वयं भर सकते हैं, जो आगामी हाउस सर्वे से पहले अनिवार्य है। राज्य सरकार ने इस पहल के माध्यम से डेटा संग्रह की प्रक्रिया को सुगम बनाने का प्रयास किया है। इस दौरान लखनऊ सहित पूरे राज्य में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग भाग ले सकें। इस जनगणना से प्राप्त जानकारी राज्य के विकास योजनाओं और नीति-निर्माण के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। साथ ही, इस डेटा का उपयोग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे के विकास, संसाधन आवंटन और सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किया जाएगा।