लखनऊ में आज एक व्यापक चावल-रोटी वरीयता सर्वेक्षण के परिणाम जारी किए गए। राज्य खाद्य विभाग द्वारा कराए गए इस अध्ययन में 1000 परिवारों से उनकी आहार संबंधी प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी ली गई।

सर्वेक्षण के अनुसार, 65% परिवारों ने चावल को अपनी प्राथमिक आहार प्राथमिकता बताई, जबकि 35% ने रोटी को प्राथमिकता दी। यह वितरण उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग पाया गया, जिसमें अवध क्षेत्र में चावल की पसंद सबसे अधिक थी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस जानकारी का उपयोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार के लिए किया जा सकता है। खाद्य विभाग अब इस डेटा के आधार पर राशन की सामग्री को संतुलित करने पर विचार कर रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अध्ययन आगामी चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, क्योंकि खाद्य सुरक्षा एक प्रमुख चुनावी मुद्दा है। सरकार अगले महीने तक इस सर्वेक्षण के आधार पर नीतिगत निर्णय लेने की संभावना है।