कानपुर में फरार हिस्ट्री-शीटर अजय ठाकुर ने 43 दिन की अवधि में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 25 रील पोस्ट की हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो गई है। पुलिस उसे तलाश रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर उसकी सक्रियता ने उसे और भी सुरक्षित बना दिया है। यह मामला अब डिजिटल युग में अपराध और पुलिसिंग के बदलते स्वरूप को दर्शाता है। अजय ठाकुर, जो एक कुख्यात हिस्ट्री-शीटर है, लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी इस भागने की घटना ने शहर में कानून-व्यवस्था की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ समय से वह सोशल मीडिया पर सक्रिय था, लेकिन 43 दिन में 25 रील पोस्ट करना उसकी डिजिटल रणनीति में एक नया मोड़ है। इन रील में क्या सामग्री है, इस पर पुलिस की ओर से अभी भी स्पष्टता नहीं है, लेकिन माना जाता है कि वे ठाकुर के जीवनशैली और गतिविधियों को दर्शाती हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इन वीडियो में उसके द्वारा किए गए कामों के संकेत या डराने वाले संदेश हो सकते हैं, जो पुलिस की जांच को और जटिल बना देते हैं। कानपुर पुलिस अब ठाकुर को खोजने के लिए तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर रही है। उसकी ऑनलाइन गतिविधियों से पुलिस को उसके संभावित स्थानों और दिनचर्या का पता लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, उसकी डिजिटल पहचान को खत्म करना भी पुलिस के लिए एक चुनौती है, क्योंकि वह जरूरत पड़ने पर अपनी पहचान बदल सकता है। कानपुर पुलिस के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती है। हिस्ट्री-शीटर का सोशल मीडिया पर आना न केवल उसकी छवि खराब करता है, बल्कि पुलिस के लिए उसे ढूंढना भी आसान बना देता है। ठाकुर की गिरफ्तारी अब पुलिस के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है, और वह उसे जल्द से जल्द खोजने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।