कानपुर में भीषण गर्मी का दौर जारी है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इस बीच एक विशेष चिंताजनक स्थिति सामने आई है। शहर के कई इलाकों में छोटे बच्चों के शरीर से पसीना नहीं आ रहा है, जबकि उनके शरीर तप रहे हैं। यह स्थिति गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का संकेत देती है, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया है।
डॉक्टरों का कहना है कि पसीना न आने के कारण शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम काम नहीं कर पा रहा है। अत्यधिक गर्मी में जब बच्चा पानी पीता है, तब भी शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जिससे हीटस्ट्रोक जैसी खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है। यह विशेषकर छोटे बच्चों और शिशुओं के लिए अधिक जोखिम भरा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने इस पर संज्ञान लेते हुए सभी जिला अधिकारियों को तुरंत अलर्ट जारी करने का निर्देश दिया है। एडवाइजरी में माता-पिता और नागरिकों से कहा गया है कि वे बच्चों को घर से बाहर केवल सुबह और शाम के ठंडे घंटों में ही निकालें। उन्हें हल्के, हवादार और हल्के रंग के कपड़े पहनाएं। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाने और उन्हें ठंडे, छायादार स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी बच्चे में अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, सिरदर्द या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत निकटतम सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए। यह एडवाइजरी पूरे शहर में सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में जारी लू (लू) का परिणाम है। लखनऊ, प्रयागराज और इलाहाबाद जैसे शहरों में भी ऐसी ही रिपोर्टें आई हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे गर्मी से बचने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरतें और सरकारी स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का पालन करें।