उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण नई योजना की घोषणा की गई है, जिसका उद्देश्य उन्हें आय का एक स्थायी स्रोत प्रदान करना है। कृषि विभाग ने इस योजना की विस्तृत जानकारी साझा की है, जो किसानों को पारंपरिक फसलों के बजाय बारहमासी फलों की खेती की ओर आकर्षित कर रही है। इस योजना के तहत, किसानों को बारहमासी फलों के बाग लगाने के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बारहमासी फलों के बाग लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो बारह महीने में फल देना शुरू कर देते हैं। इसके विपरीत, पारंपरिक फसलों को फल देने में कई साल लग सकते हैं। बारहमासी फलों के बागों से किसानों को 10 साल तक निरंतर कमाई का अवसर मिलेगा। विभाग ने किसानों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी दी है। कृषि विभाग के अनुसार, यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें पारंपरिक फसलों पर निर्भरता से मुक्त करने के लिए बनाई गई है। बारहमासी फलों के बागों से न केवल फल बल्कि अन्य उत्पाद जैसे फूल, औषधीय पौधे और अन्य बागवानी उत्पादों की बिक्री से भी किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। विभाग ने किसानों को योजना का लाभ उठाने के लिए भूमि की तैयारी, रोपण सामग्री और अन्य आवश्यक उपकरणों पर सब्सिडी प्रदान करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत, किसानों को बागवानी विभाग के अधिकारियों द्वारा तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बारहमासी फलों के बागों की स्थापना से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। विभाग ने किसानों को योजना का लाभ उठाने के लिए 31 मार्च 2025 तक आवेदन करने की अंतिम तिथि निर्धारित की है। इस योजना के तहत, किसानों को बारहमासी फलों के बाग लगाने के लिए 50% तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन सहायता भी प्रदान की जाएगी। विभाग का मानना है कि इस योजना से किसानों को पारंपरिक फसलों के जोखिम से मुक्ति मिलेगी और उन्हें एक सुरक्षित और लाभदायक विकल्प प्रदान किया जाएगा।
12 महीने में फल, 10 साल तक कमाई: चित्रकूट में किसानों के लिए नई योजना
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