चित्रकूट में सोमवती अमावस्या के अवसर पर एक अभूतपूर्व जनसमूह देखने को मिला, जहाँ लाखों भक्तों ने पवित्र डुबकी लगाई। यह आयोजन न केवल आस्था की अभिव्यक्ति था, बल्कि इसमें कामतानाथ मंदिर की परिक्रमा की परंपरा का भी विशेष महत्व रहा। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे, जिसमें भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए 450 से अधिक पुलिस और प्रशासनिक कर्मियों को तैनात किया गया था। इस आयोजन की सफलता के लिए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।