करीब 300 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति से पिछले वर्ष लाभान्वित हुए 1.06 लाख से अधिक विद्यार्थी, आवेदन की समयसीमा और नियमों का रखें विशेष ध्यान
कानपुर नगर।
पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना 2026-27 के सफल संचालन को लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति योजना गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद के 1,06,523 विद्यार्थियों को लगभग 300 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई। इनमें सामान्य एवं अनुसूचित जाति वर्ग के 43,219, पिछड़ा वर्ग के 54,441 तथा अल्पसंख्यक वर्ग के 8,863 विद्यार्थियों को लाभ मिला।
उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए कि पात्र विद्यार्थियों के बैंक खाते समय से खुलवाए जाएं और उन्हें आधार एवं पैन से लिंक कराया जाए। साथ ही बैंक खाते की एनपीसीआई मैपिंग तथा खाते का सक्रिय होना भी अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रवृत्ति आवेदन के साथ पिता का आय प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य होगा। यदि पिता का निधन हो चुका है तो माता का आय प्रमाण पत्र तथा माता-पिता दोनों के न होने की स्थिति में अभिभावक का आय प्रमाण पत्र लगाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विद्यार्थी अपना स्वयं का आय प्रमाण पत्र आवेदन के साथ लगाएगा तो उसका आवेदन तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि आवेदन शुरू होने से पहले आधार कार्ड, बैंक खाते और अन्य आवश्यक दस्तावेजों में यदि कोई त्रुटि है तो उसे समय रहते ठीक करा लें, ताकि आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर ने छात्रवृत्ति आवेदन की समय-सारिणी की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्वदशम शिक्षण संस्थानों को 5 अगस्त तथा दशमोत्तर शिक्षण संस्थानों को 15 अगस्त तक अपना मास्टर डाटा सत्यापित करना होगा।
पूर्वदशम छात्रवृत्ति के लिए नए आवेदन 11 अगस्त से 21 सितंबर तक तथा नवीनीकरण आवेदन 11 अगस्त से 25 अगस्त तक किए जा सकेंगे। वहीं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत नए आवेदन 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तथा नवीनीकरण आवेदन 15 सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच स्वीकार किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवेदन पत्र भरते समय सभी विवरण और अभिलेख सावधानीपूर्वक अपलोड किए जाएं, ताकि किसी भी पात्र विद्यार्थी का आवेदन तकनीकी त्रुटि के कारण निरस्त न हो। उन्होंने अधिकारियों को योजना की नियमित समीक्षा करते हुए सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर, एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिनिधि एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।