धन्वंतरि मंदिर में हवन-पूजन से 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह का शुभारंभ, विशेषज्ञों ने ब्रोंकियल अस्थमा, डायबिटिक अल्सर, प्रसूता संस्कार और क्षारसूत्र चिकित्सा पर रखे विचार
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार को 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक तथा मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर अभि‍नव जैन की उपस्थिति में विश्वविद्यालय की औषधि वाटिका स्थित धन्वंतरि मंदिर में हवन-पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इसके बाद सेनानायक तात्या टोपे सीनेट हॉल में विशेषज्ञों ने विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर व्याख्यान दिए। शामली से आए डॉ. राजकुमार तामल ने ब्रोंकियल अस्थमा के उपचार पर अपने विचार रखे, जबकि लखनऊ से आए डॉ. संजीत साहू ने डायबिटिक अल्सर समेत विभिन्न प्रकार के दुष्प्रभावी घावों में आयुर्वेदिक औषधियों के प्रयोग और उपचार की जानकारी दी।
कानपुर के वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर आयुर्वेदिक औषधियों के माध्यम से नशामुक्ति के उपाय बताए। डॉ. संगीता सारस्वत ने गर्भधारण के समय किए जाने वाले संस्कारों और प्रसव संस्कार के वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उचित संस्कार और स्वस्थ गर्भ वातावरण से शिशु के बेहतर स्वास्थ्य में सहायता मिल सकती है।
वरिष्ठ सर्जन डॉ. एके सिंह ने एनोरैक्टल रोगों, जैसे अर्श-भगंदर, में क्षारसूत्र चिकित्सा की उपयोगिता बताई। डॉ. सोनम गुप्ता ने महिलाओं में बढ़ती पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOD/PCOS) की समस्या के कारणों, जीवनशैली, खान-पान और आयुर्वेदिक उपचार पर जानकारी साझा की। वरिष्ठ क्षारसूत्र सर्जन डॉ. आरके कटियार ने भी क्षारसूत्र चिकित्सा पर व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के आयुष चिकित्सालयों के प्रभारी चिकित्साधिकारी, आयुर्वेदिक एवं यूनानी औषधि निर्माता, निजी आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षक तथा छात्र-छात्राएं शामिल हुए। अतिथियों एवं विशेषज्ञों का अंगवस्त्र व स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कप्तान सिंह ने आभार व्यक्त किया।