चित्रकूट जिले के प्रसिद्ध खैरापति देवी मंदिर परिसर से जुड़ी भूमि की पुनः पैमाइश की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संबंध में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का मुख्य आरोप यह है कि मंदिर की भूमि की पूर्व में की गई पैमाइश में तकनीकी त्रुटियां और अनियमितताएं मौजूद हैं, जिसके परिणामस्वरूप वर्तमान सीमांकन सही स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं कर रहा है। इस ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया जाए और भूमि की वैज्ञानिक तथा तकनीकी आधार पर दोबारा पैमाइश कराई जाए। प्रशासन से यह भी अपेक्षा की गई है कि इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की गुंजाइश समाप्त हो सके। इस मांग ने स्थानीय स्तर पर एक नई प्रशासनिक बहस को जन्म दे दिया है और यह मामला अब जिले के राजस्व तंत्र के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता बन गया है।