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अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर पुलिसकर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश
कानपुर। अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस ने दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान की दिशा में एक नई पहल की। पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सांकेतिक भाषा के व्यावहारिक तौर-तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से दिव्यांगजनों से प्रभावी संवाद स्थापित करने में सक्षम बनाना तथा पुलिस सेवाओं को उनके लिए अधिक सुलभ, समावेशी और संवेदनशील बनाना रहा।
इस अवसर पर पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता, समानता एवं सम्मान का संदेश देते हुए कहा कि पुलिस सेवा का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचना है। सांकेतिक भाषा का ज्ञान पुलिस और दिव्यांगजनों के बीच संवाद को अधिक सहज एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांगजनों से संवाद के आवश्यक तौर-तरीकों एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं महिला अपराध श्रीमती स्नेहा तिवारी सहित कमिश्नरेट कानपुर नगर के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पुलिस की यह पहल सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि हर नागरिक की बात समझने और उसे सम्मान के साथ सुनने की प्रतिबद्धता का संदेश देती है।