सिंहपुर में महिला जागरूकता चौपाल, पोषण पंचायत और स्वास्थ्य शिविर में भी किया प्रतिभाग; महिलाओं को अधिकारों, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का दिया संदेश
कानपुर नगर, 19 जून 2026।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता ने शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान कुल 15 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों की संख्या अधिक रही।
अनीता गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए पीड़ित महिलाओं को आवश्यक कानूनी सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि महिला जनसुनवाई का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, हिंसा अथवा भेदभाव की स्थिति में बिना संकोच अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि उन्हें समय पर न्याय और सहायता मिल सके।
इस अवसर पर एसीएम-2 ऋतुप्रिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह, महिला थानाध्यक्ष कमर सुल्ताना सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके उपरांत राज्य महिला आयोग सदस्य अनीता गुप्ता ग्राम पंचायत सिंहपुर पहुंचीं, जहां जिला कार्यक्रम अधिकारी विभाग की ओर से आयोजित महिला जागरूकता चौपाल, पोषण पंचायत एवं स्वास्थ्य शिविर में उन्होंने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लेते हुए स्वास्थ्य, पोषण, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनीता गुप्ता ने कहा कि महिलाओं का स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर होना एक सशक्त समाज की पहचान है। केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं, जिनका लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने माताओं एवं अभिभावकों से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को संतुलित आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनीमिया से बचाव, पोषण संबंधी सावधानियों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श सेवाएं प्रदान कीं, जबकि पोषण पंचायत के माध्यम से महिलाओं को पौष्टिक आहार, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए शासन की योजनाओं, महिला कल्याण कार्यक्रमों तथा स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी विषयों की जानकारी प्राप्त की। महिला जागरूकता चौपाल, पोषण पंचायत एवं स्वास्थ्य शिविर महिलाओं को सशक्त, जागरूक और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुए।