कानपुर। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने में हो रही देरी और जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय स्थित समिति कक्ष में महापौर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, अपर नगर आयुक्त (प्रथम) तथा सभी जोनल अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में महापौर ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जोनों में आवेदन तक स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं और दिल्ली से नगर निगम की वेबसाइट बंद होने का हवाला देकर लोगों को लौटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में स्कूलों में प्रवेश के लिए जन्म प्रमाण पत्र की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि भारत सरकार का सीआरएस (Civil Registration System) पोर्टल पूरी तरह संचालित है और उसी के माध्यम से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम मुख्यालय के रिकॉर्ड रूम का डिजिटलीकरण कर दिया गया है, जिससे सत्यापन प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सके।
नगर आयुक्त ने सभी जोनों में आम जनता की सहायता और शिकायतों के समाधान के लिए 15 दिनों के भीतर हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही एक वर्ष से अधिक पुराने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों के लिए एसीएम की अनुमति संबंधी अभिलेख व्यवस्थित रखने तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को भेजे जाने वाले प्रपत्रों का भी रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश जारी किए गए।
बैठक में अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार, जोन-1 के जोनल अधिकारी विद्या सागर यादव, जोन-2 के विजय कुमार, जोन-5 के अनुपम त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में लापरवाही पर महापौर सख्त, 15 दिन में सभी जोनों में बनेगी हेल्प डेस्क


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