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*जिन बच्चों ने कभी रोशनी नहीं देखी, उनके जीवन मे अब उजाले की गुंजाइश*

*जिन बच्चों ने कभी रोशनी नहीं देखी, उनके जीवन मे अब उजाले की गुंजाइश*

*अंध विद्यालय में 105 बच्चों की जांच, 13 सर्जरी योग्य चिन्हित सीएसआर के तहत होगा निःशुल्क ईलाज*

कानपुर नगर, 27 अप्रैल।

जिन बच्चों ने कभी रोशनी नहीं देखी, उनके जीवन में अब उजाले की गुंजाइश बनी है। कानपुर अंध विद्यालय में लगे नेत्र शिविर में 105 दृष्टिबाधित बच्चों की जांच के दौरान 13 ऐसे बच्चे चिन्हित हुए, जिनकी आंखों की रोशनी सर्जरी से वापस लाई जा सकती है। इनमें कक्षा एक के हर्ष, कक्षा दो के शिव शंकर और कक्षा चार के नैतिक व केशव दुबे जैसे बच्चे शामिल हैं।

जिला प्रशासन के तत्वावधान में रोटरी क्लब ऑफ कानपुर सूर्या और जेसीआई के सहयोग से आयोजित इस नेत्र परीक्षण शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रत्येक बच्चे की आंखों का गहन परीक्षण किया। जन्मजात नेत्रहीनता के कारण अब तक दुनिया को न देख पाने वाले इन बच्चों के लिए यह निष्कर्ष एक महत्वपूर्ण संभावना के रूप में सामने आया है।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय उत्तम और वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. शालिनी मोहन भी कार्यक्रम में मौजूद रही । दिव्यांग बच्चों ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम का संचालन डॉ. शालिनी मोहन ने किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल परीक्षण करना नहीं, बल्कि ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराना है, जिनकी दृष्टि वापस लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से यह एक अभिनव प्रयास किया जा रहा है, जिसे सफल होने पर व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है। प्रशासन इस दिशा में हर संभव सहयोग सुनिश्चित करेगा।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने कहा कि जनपद में कार्यभार ग्रहण करने के पहले ही दिन इस शिविर से जुड़ना उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने इस प्रयास को प्रभावी बताते हुए हर स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया।

वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि चिन्हित बच्चों का आगे विस्तृत परीक्षण कराया जाएगा और आवश्यकता अनुसार सर्जरी कराई जाएगी। साथ ही विद्यालय में प्रत्येक 15 दिन पर नेत्र एवं बाल रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।

कार्यक्रम के उपरांत अधिकारियों ने विद्यालय का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया और बच्चों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर क्लब के सदस्य मनोज गुप्ता, राघवेंद्र गुप्ता, सुधीर गर्ग, प्रदीप खंडेलवाल सहित विद्यालय का स्टाफ और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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