कानपुर। शहर की महत्वाकांक्षी सीएम ग्रिड सड़क परियोजनाओं में हो रही देरी और जनता को हो रही परेशानियों पर गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय में महापौर और नगर आयुक्त की संयुक्त अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महापौर ने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि शिलान्यास हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अधिकांश परियोजनाएं अभी तक अधूरी हैं, जिससे नागरिकों को धूल, जलभराव और पेयजल संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में मुख्य अभियंता सिविल सैय्यद फरीद अख्तर जैदी ने सीएम ग्रिड फेज-1 और फेज-2 के अंतर्गत शहर की विभिन्न प्रमुख सड़कों पर चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई स्थानों पर सीवर, वाटर लाइन, केबिल शिफ्टिंग और ड्रेनेज कार्यों के कारण सड़क निर्माण प्रभावित है।

घंटाघर से ग्रीन पार्क तक की सड़क पर कार्य में सबसे बड़ी बाधा भूमिगत केबिलों की पहचान और बार-बार आ रहे केबिल फाल्ट बताए गए। जल निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस मार्ग पर सीवर और वाटर लाइन से जुड़े कार्य 25 जून तक पूरे कर लिए जाएंगे।

वहीं बगिया क्रासिंग से केसा कार्यालय तक की सड़क पर सीवर इंटरकनेक्शन का कार्य शेष होने के कारण एक लेन का निर्माण प्रभावित है। अधिकारियों ने बताया कि 30 जून तक इस मार्ग की एक लेन यातायात के लिए खोल दी जाएगी। बर्रा बाईपास से रामबाग तिराहा तक के मार्ग पर सीवर निकासी के लिए अतिरिक्त लाइन डालने की आवश्यकता बताई गई, जिसके चलते कार्य पूरा होने में लगभग दो माह का समय लग सकता है।

नगर आयुक्त ने स्वरूप नगर क्षेत्र में निर्माण स्थलों पर बिखरी निर्माण सामग्री, मिट्टी के ढेर और खुले पड़े पाइपों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बरसात के दौरान इससे जनता को भारी परेशानी होगी। उन्होंने सभी निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

बैठक में यह भी सामने आया कि स्टॉक एक्सचेंज और अंबा नर्सिंग होम के पास सीवर ओवरफ्लो की समस्या के समाधान के लिए 91 लाख रुपये की स्वीकृति मिलने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस पर नगर आयुक्त ने जल निगम अधिकारियों को फटकार लगाते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात से पहले सभी निर्माण स्थलों से मिट्टी के ढेर हटाए जाएं और सड़कें सुरक्षित बनाई जाएं। उन्होंने कहा कि शहर की अधिकांश आबादी दोपहिया और साइकिल से आवागमन करती है, ऐसे में फिसलन और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए।