नन्हीं प्रतिभा को ब्रिटेन से मिला सम्मान , शिवानी की खूबसूरत लिखावट बनी दुनिया के लिए प्रेरणा
नॉर्थैम्प्टन से आया विशेष उपहार, डीएम ने सौंपीं कैलीग्राफी की किताबें और पेन, बचत की सीख देने को भेंट की गुल्लक
कानपुर नगर।
कानपुर की छात्रा शिवानी की अनोखी प्रतिभा अब सात समंदर पार भी अपनी छाप छोड़ रही है। अपनी सुंदर, स्पष्ट और बेहद आकर्षक हस्तलिपि से चर्चा में आई शिवानी की कहानी ब्रिटेन तक पहुंची, जहां नॉर्थैम्प्टन में रहने वाले भारतीय मूल के चिकित्सक डॉ. आशुतोष शर्मा उसकी लगन और कला से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उसके लिए कैलीग्राफी की पुस्तकें, विशेष पेन और अध्ययन सामग्री भेजकर उसका उत्साह बढ़ाया।
शिवानी की लिखावट इतनी सजीव और व्यवस्थित है कि पहली नजर में वह टाइप किया हुआ पाठ प्रतीत होती है। उसकी इसी अद्भुत प्रतिभा को देखते हुए जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने पूर्व में उसे सम्मानित कर प्रोत्साहित किया था। इसके बाद मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी प्रेरणादायक कहानी देश की सीमाएं पार कर ब्रिटेन पहुंच गई।
ब्रिटेन के नॉर्थैम्प्टन में रहने वाले डॉ. आशुतोष शर्मा ने जब शिवानी के बारे में जाना तो उन्होंने महसूस किया कि ऐसी प्रतिभाओं को समय पर प्रोत्साहन मिलना बेहद जरूरी है। शिवानी का पता उपलब्ध न होने के कारण उन्होंने कैलीग्राफी की पुस्तकें, विशेष पेन और अन्य सामग्री जिलाधिकारी कानपुर नगर के पते पर भेजीं तथा पत्र लिखकर अनुरोध किया कि यह उपहार शिवानी तक पहुंचाया जाए।
डॉ. आशुतोष शर्मा द्वारा भेजे गए कोरियर और पत्र के क्रम में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने जनता दर्शन में शिवानी को आमंत्रित किया और उसे यह विशेष उपहार सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने शिवानी को एक गुल्लक भी भेंट की तथा बचत की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने पुस्तकों का गंभीरता से अध्ययन करने, नियमित अभ्यास जारी रखने और कैलीग्राफी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करने का संदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिवानी की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी बच्चों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के दम पर अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। प्रतिभा को यदि सही समय पर प्रोत्साहन और उचित मार्गदर्शन मिले तो बच्चे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
विशेष उपहार पाकर शिवानी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने डॉ. आशुतोष शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपहार उसके लिए किसी सम्मान से कम नहीं है। उसने जिलाधिकारी का भी धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि वह कैलीग्राफी की पुस्तकों का अध्ययन कर अपनी लेखन कला को और निखारने का पूरा प्रयास करेगी।
शिवानी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि हुनर की कोई सीमा नहीं होती। सच्ची लगन और प्रतिभा दुनिया के किसी भी कोने में बैठे लोगों का दिल जीत सकती है।