लखनऊ में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्वच्छता कर्मियों के योगदान को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन कर्मियों के कठिन परिश्रम और समर्पण को स्वीकार करना था, जो शहर की स्वच्छता और नागरिकों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उप-मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वच्छता कर्मियों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका कार्य केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का एक महान कार्य है। उन्होंने कहा कि इन कर्मियों के अथक प्रयासों के बिना शहरी जीवन असंभव है। उप-मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कर्मियों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि आपके बिना जीवन हो जाएगा नर्क। यह कथन स्वच्छता कर्मियों के अपरिहार्य योगदान को दर्शाता है। उन्होंने रेखांकित किया कि स्वच्छता कर्मियों का कार्य केवल सड़कों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा और बीमारियों की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि एक स्वच्छ शहर ही स्वस्थ और प्रगतिशील समाज की पहचान है, और इसके लिए स्वच्छता कर्मी सबसे पहले बधाई के पात्र हैं। उन्होंने श्रम की गरिमा पर बल दिया और कहा कि समाज की प्रगति में हर वर्ग का योगदान महत्वपूर्ण है, और स्वच्छता कर्मियों का कार्य इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उप-मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कर्मियों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और उनके लिए बेहतर सुविधाएं और सम्मान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का समापन अपार कृतज्ञता और सम्मान के भाव के साथ हुआ, और स्वच्छता कर्मियों ने उप-मुख्यमंत्री के शब्दों से स्वयं को सम्मानित और प्रेरित महसूस किया। यह आयोजन समाज में स्वच्छता कर्मियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके योगदान को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।