उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण मौसम के कारण कई जिलों में आंधी-बारिश की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 52 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। राज्य सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए सभी जिलों में आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया है। आंध्र प्रदेश और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों में भी मौसम की मार का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक इसी तरह के मौसम की संभावना व्यक्त की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, कई क्षेत्रों में पेड़ों के गिरने और बिजली के तारों के टूटने से बिजली कटौती और बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दलों को तैनात कर दिया है। इसके साथ ही, राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घर पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक बाहर न निकलें। उत्तर प्रदेश में इस आपदा के बाद राज्य सरकार ने समीक्षा बैठक आयोजित की है। बैठक में प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश के लोगों को इस कठिन समय में सरकार का साथ मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से 52 लोगों की मृत्यु, राज्य में आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल सक्रिय
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