कानपुर में निट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) पेपर लीक के विरुद्ध हुए एक प्रदर्शन में पुलिस और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ताओं के बीच एक गंभीर झड़प की घटना सामने आई है। यह घटना उस समय हुई जब नीट परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों पर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी थे। पुलिस प्रशासन ने इस विरोध को नियंत्रित करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कुछ ABVP कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ हाथापाई की। झड़प के दौरान पुलिस कर्मियों और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच पत्थरबाजी और धक्का-मुक्की की घटनाएँ हुईं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया, जिससे कई कार्यकर्ता घायल हो गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पूरे देश में हलचल मच गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने दो पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित पुलिसकर्मियों की पहचान अभी तक आधिकारिक तौर पर नहीं की गई है, लेकिन उन्हें उन अधिकारियों के रूप में बताया गया है जो झड़प के दौरान नियंत्रण बनाए रखने में विफल रहे। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह विरोध प्रदर्शन के दौरान ही क्यों न हो। ABVP ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि छात्रों के विरोध का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान किया जाना चाहिए था। छात्र संगठन ने मांग की है कि नीट पेपर लीक की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, पुलिस विभाग ने कहा है कि वे इस मामले की पूरी जांच करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। कानपुर में इस घटना के बाद नीट परीक्षा के पेपर लीक के आरोप और अधिक गंभीर हो गए हैं। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने की घोषणा की है। SIT में वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविदों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो पेपर लीक की पूरी जांच करेंगे। इस बीच, पुलिस प्रशासन ने शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।