उत्तर प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। राज्य सरकार ने 12वीं के बाद AI कोर्सेज शुरू करने का निर्णय लिया है, जो छात्रों के भविष्य के लिए एक नया अवसर होगा। AI क्षेत्र में करियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, और उत्तर प्रदेश के छात्र इस क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकते हैं।
AI कोर्सेज में प्रवेश के लिए छात्रों को 12वीं में साइंस स्ट्रीम से पास होना अनिवार्य है। कोर्सेज की अवधि 3 से 4 साल होगी, और इसके बाद छात्रों को AI इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, मशीन लर्निंग एक्सपर्ट जैसे कई पदों पर काम करने का अवसर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में कई विश्वविद्यालयों ने AI कोर्सेज शुरू करने के लिए तैयारी कर ली है। IIT कानपुर, IIM लखनऊ, और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में AI कोर्सेज उपलब्ध होंगे। छात्रों को 12वीं में 60% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
करियर के दृष्टिकोण से, AI क्षेत्र में 2026 तक 15 लाख से अधिक नौकरियां मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। सरकार भी AI कोर्सेज को बढ़ावा देने के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं चला रही है।
यूनिवर्सिटी चयन के लिए छात्रों को AI में रुचि, गणित, और प्रोग्रामिंग की समझ होनी चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया में प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू दोनों शामिल होंगे।
यह कदम उत्तर प्रदेश के छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करेगा। AI क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के छात्रों की सफलता राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी।
