पंजाब के बाद अब उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को एक नए राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के भीतर चल रहे आंतरिक मतभेदों और आपसी टकराव ने आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस की रणनीति को जटिल बना दिया है। विशेष रूप से अजय राय और राजेंद्र गौतम के बीच उत्पन्न हुए विवाद ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं। इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आगामी चुनावों में पार्टी एकजुट होकर किस प्रकार चुनाव लड़ेगी और इन आंतरिक कलह के बावजूद वह जनता के बीच अपनी स्थिति को कैसे मजबूत करेगी। पार्टी हाईकमान इस समय इस मामले को सुलझाने और एक स्पष्ट दिशा तय करने के प्रयासों में जुटा हुआ है।