उन्नाव। जिले के किसानों के लिए नहर का पानी खेतों में घुसने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। यह घटना किसानों के लिए आर्थिक संकट का कारण बन गई है। उत्तर प्रदेश के दैनिक समाचार पत्र Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के अनुसार, यह समस्या पिछले तीन साल से किसानों के बीच बनी हुई है, और उन्हें अभी तक मुआवजे का लाभ नहीं मिला है। घटना की गंभीरता को समझते हुए, प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। किसानों का कहना है कि नहर से पानी का रिसाव होने के कारण उनकी खड़ी फसलों, जैसे गेहूं, धान और अन्य सब्जियों की बर्बादी हुई है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अगले सीजन में दोबारा खेती कर सकें। किसानों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि नहर के किनारे बने बंडों की मरम्मत नहीं की गई है, जिससे पानी खेतों में रिस रहा है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि वे समस्या की जांच कर रहे हैं और जल्द ही किसानों को राहत पहुंचाने का प्रयास करेंगे। इस घटना ने किसानों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। प्रशासन को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक ठोस योजना बनानी होगी ताकि उन्हें न्याय मिल सके।