नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के उन्नाव बलात्कार मामले में आरोपी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को एक बड़ी राहत मिली है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें सेंगर की सजा पर रोक लगाई गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। यह मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का है, जहाँ 2017 में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का आरोप लगा था। कुलदीप सिंह सेंगर, जो उस समय राज्य के मंत्री थे, इस मामले में मुख्य आरोपी थे। वर्ष 2019 में विशेष अदालत ने सेंगर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उच्च न्यायालय ने 2020 में सजा पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद सेंगर को जमानत मिल गई थी। इस निर्णय के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराते हुए उच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त कर दिया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस निर्णय का सेंगर के मामले पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। अब उनकी सजा पर कोई भी रोक नहीं रहेगी और वे आजीवन कारावास की सजा का सामना करेंगे। यह निर्णय पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।