नॉमिनी दर्ज होने पर आसान और समयबद्ध होता है राशि के दावे का निपटारा
नई दिल्ली। बैंक खाते में जमा रकम खाताधारक की मृत्यु के बाद समाप्त नहीं होती। खाताधारक की मृत्यु के पश्चात खाते में उपलब्ध राशि पर वैध दावे का निपटारा बैंक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऐसे दावों की प्रक्रिया को आसान और समयबद्ध बनाने के लिए ग्राहकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई है।
यदि किसी बैंक खाते में नॉमिनी दर्ज है, तो खाताधारक की मृत्यु के बाद जमा राशि के दावे की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो सकती है। परिवार के सदस्यों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए बैंक खाते में नॉमिनी का नाम दर्ज कराना महत्वपूर्ण है।
दावे के लिए अपनाएं ये 3 आसान चरण
1. बैंक शाखा या वेबसाइट पर जाएं
संबंधित बैंक की शाखा अथवा उसकी वेबसाइट के माध्यम से दावे की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें।
2. दावा फॉर्म भरें
बैंक द्वारा निर्धारित दावा फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरें।
3. जरूरी दस्तावेज जमा करें
दावा फॉर्म के साथ बैंक द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
15 दिनों में दावे के निपटारे की व्यवस्था
RBI की जानकारी के अनुसार, आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत किए जाने पर ऐसे दावों के निपटारे के लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई है। नॉमिनी दर्ज होने की स्थिति में प्रक्रिया और अधिक सरल एवं सुगम हो सकती है।
आज ही दर्ज कराएं नॉमिनी
बैंक खाते में नॉमिनी दर्ज कराना परिवार के लिए भविष्य में वित्तीय प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। खाताधारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते में नॉमिनी की जानकारी दर्ज रखें और समय-समय पर उसे जांच भी लें।
आरबीआई की अपील: अपने प्रियजनों के लिए बैंकिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आज ही अपने खाते में नॉमिनी दर्ज करें।
अधिक जानकारी के लिए: RBI की आधिकारिक जागरूकता वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
आरबीआई कहता है—जानकार बनिए, सुरक्षित रहिए।