उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में एक अत्यंत मर्मस्पर्शी दृश्य देखने को मिला जब प्रतीक यादव की अंतिम विदाई के समय उनके बड़े भाई और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उनके साथ खड़े दिखे। प्रतीक यादव, जो समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री थे, का हाल ही में देहांत हुआ है। उनकी अंतिम यात्रा के दौरान परिवार के सदस्यों के आँसू और उनके प्रति सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अखिलेश यादव ने इस अवसर पर अपने भाई को अंतिम श्रद्धांजलि दी और कहा कि प्रतीक यादव हमेशा उनके साथ खड़े रहे और हर संकट में उनकी 'ढाल' बने रहे। यह क्षण राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसने दोनों भाइयों के बीच के गहरे पारिवारिक संबंधों को प्रदर्शित किया। प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार राजकीय प्रोटोकॉल के अनुसार राजकीय गार्ड ऑफ ऑनर के साथ संपन्न हुआ। इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने दुख और श्रद्धांजलि व्यक्त की। प्रतीक यादव के राजनीतिक करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और समाज कल्याण तथा विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अखिलेश यादव ने इस दुखद घड़ी में पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने और प्रतीक यादव की यादों को जीवित रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव की मृत्यु ने एक रिक्तता पैदा कर दी है, जिसे शीघ्र ही भरा जाएगा। यह घटना समाजवाद के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ रही है और राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण विषय बन गई है।
प्रतीक यादव की अंतिम विदाई: जब सिसकते परिवार की 'ढाल' बने बड़े भाई अखिलेश यादव

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