कानपुर के एक निजी अस्पताल में एक अधिवक्ता के पिता की गंभीर चोटों के कारण हालत नाजुक बनी हुई है। पीड़ित की पहचान अधिवक्ता राज कुमार के पिता के रूप में हुई है, जिन्हें सिर की हडिय़ाें चकनाचूर होने और 8 पसलियां टूटने के कारण भर्ती किया गया था।

घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित को 15 जून को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें तुरंत कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत अभी भी नाजुक है और वे कोमा में हैं।

अधिवक्ता राज कुमार ने बताया कि "अब मैं परिवार का सामना कैसे करूंगा।" उन्होंने बताया कि घटना के समय वे अपने क्लाइंट के केस की पैरवी में व्यस्त थे, इसी कारण यह घटना हुई।

कानपुर के कानूनी समुदाय में इस घटना ने काफी हलचल मचा दी है। कई अधिवक्ताओं ने पीड़ित के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

कानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि "कानून के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता, चाहे मामला कितना भी संवेदनशील क्यों न हो।" उन्होंने यह भी कहा कि "कानून की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि असल में क्या हुआ था।"

इस घटना के बाद कानपुर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने बताया कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले में अपडेट देंगे।