पीलीभीत में गोमती पुनर्जीवन पदयात्रा का शुभारंभ

पीलीभीत में गोमती पुनर्जीवन पदयात्रा का शुभारंभ
पीलीभीत में आज एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल का शुभारंभ हुआ। राज्य वन मंत्री अरुण सक्सेना ने माधोोटांडा स्थित गोमती नदी के तट पर गोमती पुनर्जीवन पदयात्रा का उद्घाटन किया। यह पदयात्रा पीलीभीत क्षेत्र में नदी के पुनरुद्धार और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
पीलीभीत के जिला प्रशासन के अनुसार, गोमती नदी पिछले कई वर्षों से प्रदूषण और अतिक्रमण के कारण गंभीर संकट का सामना कर रही है। इस पदयात्रा के माध्यम से स्थानीय समुदायों, छात्रों और पर्यावरण प्रेमियों को नदी संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर मिलेगा।
वन मंत्री अरुण सक्सेना ने कहा, "गोमती हमारे क्षेत्र की जीवन रेखा है। इसके पुनर्जीवन के लिए यह पदयात्रा एक महत्वपूर्ण कदम है। हम चाहते हैं कि पीलीभीत की मिट्टी और पानी में गोमती की झलक दिखे।"
यह पदयात्रा माधोोटांडा से शुरू होकर पीलीभीत के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए वापस माधोोटांडा पर समाप्त होगी। इस दौरान नदी के किनारे सफाई अभियान, वृक्षारोपण और जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी।
पीलीभीत के स्थानीय निवासियों में इस पहल को लेकर काफी उत्साह है। गांव के सरपंच रामेश्वर प्रसाद ने कहा, "हमारी नदी के लिए यह पदयात्रा एक नई उम्मीद लेकर आई है। हम इसमें पूरा सहयोग करेंगे।"
पीलीभीत के जिला प्रशासन ने इस पदयात्रा को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए हैं। इस दौरान जल संरक्षण और नदी प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह पदयात्रा न केवल पीलीभीत बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल बनेगी। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलों से नदी पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित किया जा सकता है और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।
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