कानपुर पुलिस ने एक बड़े फर्जी डिग्री रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो टेलीकालिंग के जरिए 98 विश्वविद्यालयों तक अपना नेटवर्क फैला चुका था। इस मामले के मुख्य सरगना की भांजी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस के मुताबिक, यह रैकेट कई सालों से सक्रिय था और लोगों को फर्जी डिग्रियां दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में हुई है जो इस पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह रैकेट न केवल कानपुर बल्कि आसपास के इलाकों में भी सक्रिय था। इस मामले में और भी कई लोगों की संलिप्तता की संभावना को देखते हुए जांच जारी है। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं और फर्जी डिग्रियों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।
कानपुर में चला सबसे बड़ा डिग्री रैकेट: टेलीकालिंग के जरिए 98 विश्वविद्यालयों तक फैला नेटवर्क, सरगना का भांजा गिरफ्तार

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