
एमएसएमई विकास कार्यालय कानपुर के जागरूकता कार्यक्रम में AI, डिजिटल लेनदेन और ONDC से जुड़ने की दी जानकारी
अयोध्या, 11 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी शिल्पकारों और कारीगरों को अपने उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, मार्केटिंग और ऑनलाइन बिक्री से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर द्वारा राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, मुमताज नगर, अयोध्या में एक दिवसीय पीएम विश्वकर्मा ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में गुड़िया एवं खिलौने बनाने वाले कारीगरों के साथ सोनार, लोहार, बढ़ई, मोची, धोबी, नाई, दर्जी सहित विभिन्न ट्रेडों से जुड़े 95 विश्वकर्मा लाभार्थियों ने प्रतिभाग किया।
एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर के सहायक निदेशक अविनाश कुमार अपूर्व ने स्वागत भाषण में अतिथियों और लाभार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
सहायक आयुक्त उद्योग, अयोध्या कृष्ण कांत सिंह ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभों के साथ राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। वहीं हृतिक राज श्रीवास्तव ने कारीगरों को कृत्रिम मेधा यानी AI के उपयोग की संभावनाओं से परिचित कराया और बताया कि तकनीक के माध्यम से छोटे व्यवसाय भी अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचा सकते हैं।
एमएसएमई-विकास कार्यालय की यंग प्रोफेशनल अंकिता पांडे ने लाभार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि जिन लाभार्थियों ने पहली किस्त का एक लाख रुपये का ऋण वापस कर दिया है, वे योजना के तहत दूसरी ऋण किस्त के लिए पात्र हो सकते हैं।
कार्यक्रम में राजकीय महिला पॉलिटेक्निक अयोध्या के विभागाध्यक्ष नीरज कुमार ने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के जरिए बाजार में पहचान बनाने के तरीके बताए। उन्होंने कारीगरों को अपने पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
भारतीय डाक, अयोध्या के शाखा प्रबंधक चेतन जायसवाल ने डिजिटल वित्तीय लेनदेन के फायदे बताते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों को अपनाकर कारीगर अपने कारोबार को अधिक सरल और सुविधाजनक बना सकते हैं। भारतीय डाक की ओर से 7 लाभार्थियों के QR कोड भी बनाए गए।
इसी क्रम में मुकेश शर्मा ने ONDC के माध्यम से 20 प्रधानमंत्री विश्वकर्मा लाभार्थियों को ऑनलाइन ऑनबोर्ड कर ई-मार्केट से जोड़ा, जिससे उनके उत्पादों को डिजिटल बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। उद्यमी अमरेश कुमार ने उद्यमिता और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, मुमताज नगर अयोध्या के प्रधानाचार्य एल.पी. सिंह ने विश्वकर्मा लाभार्थियों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने, ऑनलाइन बाजार से जुड़ने और AI जैसी नई तकनीकों को समझने का आह्वान किया।
कार्यक्रम ने पारंपरिक कारीगरों को हुनर से बाजार, बाजार से डिजिटल प्लेटफॉर्म और डिजिटल प्लेटफॉर्म से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

