कानपुर। उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र कानपुर से गुजरने वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की तैयारी पूर्ण हो चुकी है। यह परियोजना राज्य की आर्थिक प्रगति का आधार स्तंभ बनने जा रही है। हाल ही में, राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें उन्होंने सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का बारीकी से सत्यापन किया। यह निरीक्षण प्रधानमंत्री कार्यालय और राज्य सरकार के बीच समन्वय का एक महत्वपूर्ण चरण था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 24 मई 2026 को किए जाने की संभावना व्यक्त की गई है। यह तिथि इसलिए चुनी गई है क्योंकि यह परियोजना के पूर्ण होने के संभावित समय के अनुरूप है। उद्घाटन समारोह की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसमें राज्य के प्रमुख नेताओं और उद्योगपतियों को आमंत्रित करने की योजना है। यह एक्सप्रेसवे न केवल कानपुर के औद्योगिक विकास को गति देगा, बल्कि लखनऊ और दिल्ली के बीच यात्रा समय को भी महत्वपूर्ण रूप से कम करेगा। तकनीकी दृष्टि से, यह 1,110 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 8-लेन का राजमार्ग होगा। इसमें 198 पुलों और 1,000 किलोमीटर से अधिक लंबी सुरंगों का निर्माण शामिल है। परियोजना की लागत लगभग 22,000 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसके निर्माण में कई वर्षों का समय लगा, जिसमें कई चरणों में कार्य संपन्न हुआ। प्रत्येक चरण में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासनिक स्तर पर, एक्सप्रेसवे के निर्माण की निगरानी उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई। स्थानीय जिला प्रशासन, जिसमें कानपुर के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक ने भी स्थल निरीक्षण किया, यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं कि परियोजना के बाद के संचालन सुचारू रूप से चलें। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।
प्रधानमंत्री द्वारा 24 मई 2026 को उद्घाटन की संभावना के साथ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की तैयारी पूर्ण

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