लखनऊ स्थित उच्च न्यायालय में 21 जुलाई को हुई एक गंभीर घटना के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सुनवाई संपन्न हुई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने मामले की जांच की जिम्मेदारी अब उत्तर प्रदेश पुलिस की खुफिया शाखा को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब केंद्रीय खुफिया एजेंसी, भारतीय खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने इस संवेदनशील मामले की जांच करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। आईबी के इस रुख के बाद, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के समक्ष यह सुनिश्चित करने की चुनौती उत्पन्न हो गई थी कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके। न्यायालय की इस नई दिशा के बाद, अब यह पूरी तरह से उत्तर प्रदेश पुलिस के कंधों पर निर्भर करेगा कि वह इस मामले की तह तक कैसे पहुंचती है और दोषियों को कैसे चिन्हित करती है।