लखनऊ: अग्निकांड पर गलत सोशल मीडिया पोस्ट करने वालों पर एफ आई आर, अकाउंट्स पर कार्रवाई

लखनऊ पुलिस ने हाल ही में हुए एक अग्निकांड से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं के प्रसार के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है। साइबर सेल ने कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज की है और उनके विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह घटना शहर के एक व्यस्त बाजार क्षेत्र में हुई आग की घटना से संबंधित है। प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का पता लगाया गया, लेकिन कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने बिना किसी सत्यापन के मृत्यु संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताना और जानबूझकर की गई तोड़फोड़ के झूठे दावे करना शुरू कर दिया। इस दुष्प्रचार का उद्देश्य घबराहट पैदा करना और सांप्रदायिक तनाव भड़काना था।
लखनऊ पुलिस के साइबर सेल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने इन भ्रामक पोस्टों के मूल स्रोत की पहचान की और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज की। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं, जो सार्वजनिक शांति भंग करने और समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने से संबंधित हैं।
पुलिस ने सोशल मीडिया कंपनियों को भी नोटिस जारी कर इन विशिष्ट पोस्टों को हटाने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी भ्रामक जानकारी के प्रसार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह कानून-व्यवस्था की स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। पुलिस जनता को आश्वस्त करती है कि आग की घटना की वास्तविक जांच जारी है, जबकि साथ ही साथ झूठी सूचनाओं के विरुद्ध अपनी कार्रवाई तेज कर दी गई है।
लखनऊ पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे केवल आधिकारिक पुलिस स्रोतों से ही समाचार प्राप्त करें और किसी भी संदिग्ध या भ्रामक जानकारी की सूचना तुरंत साइबर अपराध सेल को दें। पुलिस ने दोहराया कि वह शहर में शांति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जनता तक केवल तथ्यात्मक और सत्यापित जानकारी ही पहुंचे।
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