लखनऊ में बिजली चोरी के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 18 स्थानों पर बिजली चोरी का पता लगाया गया है। यह अभियान बिजली विभाग द्वारा नियमित निगरानी और निरीक्षण के दौरान चलाया गया था। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई उन उपभोक्ताओं के विरुद्ध की गई जो अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे थे। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान पिछले कुछ दिनों से निरंतर चल रहा है। इस दौरान विभाग की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण किया। इन निरीक्षणों में 18 स्थानों पर बिजली चोरी के साक्ष्य मिले हैं। विभाग ने इन मामलों में उचित कार्रवाई करते हुए संबंधित उपभोक्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। बिजली चोरी का पता चलने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, इन मामलों में एफ आई आर दर्ज करने की भी तैयारी की जा रही है। विभाग का कहना है कि बिजली चोरी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे पूरे सिस्टम को नुकसान होता है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली चोरी के कारण विभाग को भारी राजस्व की हानि होती है। यह हानि न केवल विभाग के लिए बल्कि आम उपभोक्ताओं के लिए भी हानिकारक है। चोरी के माध्यम से बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के कारण ईमानदार उपभोक्ताओं को अधिक बिल देना पड़ता है। विभाग के अनुसार, बिजली चोरी के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे बिजली चोरी की सूचना विभाग को दें। विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं जिन पर लोग अपनी जानकारी साझा कर सकते हैं। विभाग का कहना है कि बिजली चोरी के विरुद्ध जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। बिजली विभाग ने इस अभियान के सफल होने पर संतोष व्यक्त किया है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से विभाग ने यह संदेश दिया है कि बिजली चोरी को सहन नहीं किया जाएगा। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल चोरी रोकने के लिए बल्कि सिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। विभाग के अनुसार, भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रखे जाएंगे। विभाग ने चेतावनी दी है कि जो लोग बिजली चोरी करते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि बिजली चोरी के विरुद्ध यह अभियान न केवल कानूनन बल्कि नैतिक दृष्टिकोण से भी आवश्यक है।