लखनऊ में उत्तर भारत के कृषि विकास की रूपरेखा तैयार, 9 राज्यों का होगा नेतृत्व

लखनऊ: उत्तर भारत के कृषि विकास को नई दिशा देने के लिए आज राजधानी में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में नौ राज्यों के कृषि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिन्होंने किसानों की समस्याओं के समाधान और कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधारों पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य वक्ता ने कहा कि वर्तमान कृषि नीतियों में सुधार की आवश्यकता है ताकि किसानों को बेहतर बाजार मिले और उनकी आमदनी बढ़े। सम्मेलन में किसानों के लिए नई योजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें ऋण सुविधा, तकनीकी सहायता और बाजार तक पहुंच पर विशेष ध्यान दिया गया।
कृषि मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। नौ राज्यों की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि उत्तर भारत में कृषि विकास के लिए एक नई रणनीति तैयार की जा रही है।
प्रशासन ने बताया कि किसानों के लिए विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे, जहां उन्हें कृषि विज्ञान केंद्रों से जुड़ी सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। सम्मेलन का समापन अगले महीने होने वाले नीतिगत घोषणा के साथ होगा।
Share this story