कानपुर सेंट्रल स्थित पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों से पानी के लिए ली गई बढ़ी हुई कीमत और रात भर फर्श पर बिताने की मजबूरी ने आयोजन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पानी की सामान्य कीमत 14 रुपये है, लेकिन उन्हें 20 रुपये देने के लिए मजबूर किया गया, जो कि अनुचित आर्थिक बोझ था। यह कथित तौर पर परीक्षा के दौरान हुई मनमानी और शोषणकारी व्यवहार का एक उदाहरण है। इसके अलावा, अभ्यर्थियों ने रात बिताने के लिए उचित व्यवस्था न होने की भी शिकायत की है। कई उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र के फर्श पर ही रात गुजारने के लिए विवश किया गया, जिससे उन्हें असुविधा और स्वच्छता की कमी का सामना करना पड़ा। यह कदम न केवल अभ्यर्थियों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि उनकी सुरक्षा और गरिमा के प्रति भी उदासीनता दर्शाता है। आयोजन स्थल पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार, लाउंज में भी अभ्यर्थियों से अत्यधिक शुल्क वसूला गया। लाउंज में बेचे जाने वाले सामान और सेवाओं की कीमतों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, जिससे उम्मीदवारों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ा। यह कथित ओवररेटिंग परीक्षा के दौरान एक असहज और तनावपूर्ण वातावरण का कारण बनी, जिससे अभ्यर्थियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। ये घटनाएं एक बड़े पैमाने की परीक्षा के प्रबंधन और संचालन पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। हालांकि पुलिस भर्ती परीक्षा एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, लेकिन आयोजन प्राधिकरण द्वारा अभ्यर्थियों के साथ किया गया व्यवहार एक बड़ी विफलता को दर्शाता है। इस मामले की जांच की मांग की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि यदि उनकी शिकायतों का निवारण नहीं किया गया, तो वे आगामी परीक्षाओं में भाग लेने से कतरा सकते हैं। यह घटना भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और दक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
कानपुर सेंट्रल में पुलिस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों से पानी के लिए ली गई बढ़ी हुई कीमत, फर्श पर बिताई रात

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