लखनऊ, उत्तर प्रदेश। एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में, 65 वर्षीय श्री राम सिंह ने राज्य की राजधानी लखनऊ में आयोजित NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एप्टीट्यूड टेस्ट) परीक्षा में हिस्सा लिया, जिससे आयु सीमा के पारंपरिक अवरोधों को तोड़ दिया गया। यह कदम न केवल उनके व्यक्तिगत सपनों को पूरा करता है, बल्कि समाज के कई वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना है।
श्री राम सिंह, जो पिछले 45 वर्षों से एक सरकारी स्कूल शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे हैं, ने अपनी शैक्षणिक यात्रा को 60 वर्ष की आयु में शुरू करने का निर्णय लिया। उनके इस निर्णय के पीछे परिवार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और समाज सेवा की भावना प्रमुख थी।
परीक्षा केंद्र लखनऊ के एक प्रमुख केंद्र पर आयोजित की गई, जहाँ वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। श्री सिंह ने परीक्षा की तैयारी के लिए पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन 4 घंटे का समय समर्पित किया।
परीक्षा परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे छात्रों और उनके परिवार के सदस्यों में इस खबर ने काफी हलचल मचा दी है। यदि श्री सिंह को सफलता मिलती है, तो यह न केवल उनके जीवन में परिवर्तन लाएगा, बल्कि समाज में आयु सीमा के भेदभाव के विरुद्ध एक संदेश भी देगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह घटनाक्रम दर्शाता है कि आयु केवल एक संख्या है और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।