10499.97 वर्ग मीटर अर्बन सीलिंग भूमि से जुड़ी रिट याचिका खारिज, 45.14 करोड़ रुपये की भूमि पर योजनाओं का रास्ता साफ
कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की प्रस्तावित न्यू कानपुर सिटी तथा महर्षि दयानन्द विहार योजना से जुड़ी अर्बन सीलिंग भूमि के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब 10 साल बाद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने कानपुर विकास प्राधिकरण के पक्ष में आदेश पारित करते हुए रिट याचिका खारिज कर दी है।
KDA की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शील कुमार व अन्य द्वारा भूमि को अर्बन सीलिंग से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर वर्ष 2016 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका संख्या 1605/2016 दाखिल की गई थी। याचिका में ग्राम अकबरपुर बांगर तथा मौजा बैरी अकबरपुर कछार स्थित कई आराजी संख्या की भूमि शामिल थी।
इनमें ग्राम अकबरपुर बांगर की आराजी संख्या 741, 652, 840, 1011, 869, 876, 877 और 882 शामिल हैं, जिन पर KDA द्वारा महर्षि दयानन्द विहार योजना प्रस्तावित की गई थी। वहीं, मौजा बैरी अकबरपुर कछार की आराजी संख्या 531, 607, 698, 1053, 1053/2 तथा 777 पर न्यू कानपुर सिटी योजना प्रस्तावित है।
45.14 करोड़ रुपये से अधिक है भूमि का मूल्य
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, रिट याचिका में शामिल भूमि का कुल क्षेत्रफल 10,499.97 वर्ग मीटर है। वर्तमान सर्किल रेट 43,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से इस भूमि का कुल मूल्य लगभग 45 करोड़ 14 लाख 57 हजार रुपये बताया गया है।
KDA के अनुसार हाईकोर्ट के 14 अगस्त 2026 के आदेश के बाद संबंधित भूमि के नियोजन में अब कोई विधिक बाधा नहीं रह गई है। इससे प्राधिकरण की प्रस्तावित आवासीय योजनाओं को आगे बढ़ाने और उनके क्रियान्वयन का रास्ता सुगम होने की बात कही गई है।
KDA के विशेष कार्याधिकारी (विधि) सत शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी दी।
पुलिस प्रहरी | कानपुर
10 साल बाद हाईकोर्ट का फैसला, KDA के पक्ष में बड़ी राहत

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