तीन रिट याचिकाओं में पक्ष में फैसला, 126.61 करोड़ रुपये की भूमि से कानूनी बाधा दूर
कानपुर। जवाहरपुरम आवासीय योजना से जुड़ी अर्बन लैंड सीलिंग की भूमि के मामले में कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। तीन रिट याचिकाओं में हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय, कानपुर द्वारा प्राधिकरण के विरुद्ध दिए गए फैसलों को निरस्त करते हुए केडीए के पक्ष में आदेश पारित किए हैं।
केडीए की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ग्राम बारासिरोही स्थित इन तीनों भूखंडों का कुल क्षेत्रफल 32,550 वर्ग मीटर है। सर्किल रेट के आधार पर इनकी कुल कीमत 126 करोड़ 61 लाख 95 हजार रुपये आंकी गई है।
इनमें राम अवतार पाल व अन्य से संबंधित 6,632 वर्ग मीटर, हाकिम सिंह व अन्य से संबंधित 16,676 वर्ग मीटर तथा मदन मोहन सिंह व अन्य से संबंधित 9,242 वर्ग मीटर भूमि शामिल है। तीनों मामलों में प्राधिकरण ने जिला न्यायालय के फैसलों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं।
आवासीय योजना के विकास का रास्ता साफ
केडीए के मुताबिक, हाईकोर्ट के आदेशों के बाद संबंधित भूमि के नियोजन में अब कोई विधिक बाधा शेष नहीं है। इससे जवाहरपुरम आवासीय योजना के विकास और उसके क्रियान्वयन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
प्राधिकरण ने इसे भूमि से जुड़े लंबित कानूनी विवादों के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। प्रेस विज्ञप्ति विशेष कार्याधिकारी (विधि) सत शुक्ला की ओर से जारी की गई है।

