*बोला—‘राहत शिविर में वितरण का रिकॉर्ड नहीं’
स्टॉक रजिस्टर से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों के अभिलेख तक खंगाले, सीएमओ ने प्रसारित खबर को बताया भ्रामक और तथ्यहीन*
कानपुर नगर। बाढ़ राहत शिविर में बच्चों को एक्सपायर्ड सिरप बांटे जाने और उसके सेवन से बच्चों के बीमार होने की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसका खंडन किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीदत्त नेमी ने कहा कि विभागीय जांच और उपलब्ध अभिलेखों में राहत शिविर में एक्सपायर्ड सिरप के वितरण की पुष्टि नहीं हुई है।
सीएमओ के मुताबिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधनू के चिकित्सा अधीक्षक ने 9 सितंबर को मामले की तथ्यात्मक आख्या उपलब्ध कराई। इसमें स्पष्ट किया गया है कि 2 सितंबर को आयोजित बाढ़ राहत कैंप में Trimethoprim and Sulphamethoxazole IP सिरप का वितरण नहीं किया गया था।
स्टॉक रजिस्टर में भी नहीं मिली दवा की एंट्री
स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि बाढ़ राहत के लिए बनाए गए स्टॉक रजिस्टर की जांच में उक्त सिरप की एक भी प्रविष्टि नहीं मिली। विभागीय रिकॉर्ड में यह दवा वर्ष 2025 में ड्रग वेयर हाउस, कानपुर नगर में प्राप्त होना दर्ज है और मार्च 2025 तक इसकी आपूर्ति सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को किए जाने की बात कही गई है।
विभाग के अनुसार वर्तमान में किसी भी सीएचसी अथवा पीएचसी पर संबंधित बैच की दवा उपलब्ध नहीं है।
बच्चों के बीमार होने के दावे की भी नहीं हुई पुष्टि
सीएमओ ने कहा कि एक्सपायर्ड सिरप के सेवन से बच्चों के बीमार होने संबंधी जानकारी भी विभागीय जांच में पुष्ट नहीं हुई है। उपलब्ध दस्तावेजों और चिकित्सा अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर राहत शिविर में उक्त सिरप बांटे जाने का कोई तथ्यात्मक आधार सामने नहीं आया है।
सवाल यह भी—अगर वितरण नहीं हुआ तो खबर में दवा पहुंची कैसे?
स्वास्थ्य विभाग के खंडन के बाद अब पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि यदि राहत शिविर में उक्त दवा का वितरण नहीं हुआ, तो एक्सपायर्ड सिरप के वितरण से संबंधित सूचना सामने कैसे आई। क्या किसी अन्य स्थान अथवा बैच की दवा को राहत शिविर से जोड़कर देखा गया, या फिर किसी स्तर पर तथ्यात्मक भ्रम हुआ?
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग अपने रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट के आधार पर खबर को भ्रामक एवं तथ्यहीन बता रहा है। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सामने आए दावे के स्रोत और दवा के कथित वितरण से जुड़े प्रमाणों का स्वतंत्र सत्यापन महत्वपूर्ण होगा।
एक्सपायर्ड सिरप की खबर पर स्वास्थ्य विभाग का खंडन l

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