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कानपुर: TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, FIR दर्ज

कानपुर: TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, FIR दर्ज

कानपुर में आज सुबह एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल देखने को मिली, जब हज़ारों की संख्या में शिक्षकों ने राज्य सरकार द्वारा अनिवार्य की गई शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक में हुआ, जहाँ शिक्षकों ने अपनी भड़ास निकाली। प्रदर्शनकारियों का मुख्य तर्क था कि TET को अनिवार्य बनाने से अनुभवी शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है और इससे पदोन्नति में अनावश्यक बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस अनिवार्यता को वापस लिया जाए या फिर इसके मानकों में ढील दी जाए।

प्रदर्शनकारियों ने शहर के कई प्रमुख चौकों पर अपना प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी तथा TET विरोधी नारे लगाए। शिक्षकों की एक बड़ी संख्या ने अपने साथ झंडे और तख्तियां लेकर मार्च किया, जिससे प्रशासन के लिए उन्हें संभालना मुश्किल हो गया। पुलिस प्रशासन भी सक्रिय रहा और उन्होंने शिक्षकों को समझाने की कोशिश की, पर स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब उन्होंने अपनी मुख्य मांग पर अड़े रहने का फैसला किया।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब शिक्षकों ने प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई शिक्षकों को हिरासत में लिया और उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की, जिसमें सरकारी आदेश की अवज्ञा और शांति भंग करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। यह कदम राज्य सरकार की ओर से एक कड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

यह घटना उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी हो चुकी है, जहाँ शिक्षकों ने इसी तरह की मांग के लिए प्रदर्शन किए हैं। शिक्षा विभाग का पक्ष स्पष्ट है कि TET शिक्षण मानकों को ऊँचा उठाने के लिए एक आवश्यक कदम है। हालांकि, शिक्षकों का संगठन इस पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं दिख रहा है।

कानपुर में TET अनिवार्यता पर हुए इस टकराव ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी दरार को उजागर कर दिया है, जहाँ योग्यता और प्रशासनिक आदेशों के बीच का तनाव अभी भी एक ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है।

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