नाबालिगों के हाथों में वाहन नहीं, सड़क सुरक्षा से नहीं होगा समझौता:
गंगा बैराज पर स्टंटबाजों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने को अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
कानपुर नगर।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट कहा है कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन न चलाने दें। साथ ही गंगा बैराज क्षेत्र में स्टंटबाजी करने वाले बाइक सवारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। जनजागरूकता के बिना दुर्घटनाओं में कमी लाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 12 ऐसे चालान किए जा चुके हैं, जिनमें नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़े गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के दुर्घटना संभावित स्थलों पर पांच मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ऐसे मार्गों के निकट स्थित अस्पतालों की आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाया जाए। बड़ी सड़क दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जनपद स्तरीय आकस्मिक मेडिकल एक्शन प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोड सेफ्टी क्लब गठित कर युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री राहत जन आरोग्य योजना के अंतर्गत जनपद के नौ अस्पतालों को चिन्हित किया गया है, जहां सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों का डेढ़ लाख रुपये तक का उपचार निःशुल्क किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल को अस्पताल पहुंचाना जीवन बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है। योजना के तहत घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है और पुलिस द्वारा उससे अनावश्यक पूछताछ भी नहीं की जाती।
बैठक में अप्रैल 2026 के प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यातायात पुलिस ने बिना हेल्मेट वाहन चलाने पर 24,885, बिना सीट बेल्ट 572, रेड लाइट जंपिंग के 493, शराब पीकर वाहन चलाने के 90 तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने के 175 मामलों में कार्रवाई की है। वहीं परिवहन विभाग ने 38 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए, जिनमें अधिकांश मामले ओवरलोडिंग, मोबाइल फोन के उपयोग और शराब पीकर वाहन चलाने से संबंधित थे।
बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. विवेक चतुर्वेदी, एआरटीओ आलोक कुमार सिंह, बीएसए सुरजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सख्ती और जनभागीदारी पर जोर इस बैठक का प्रमुख संदेश रहा।
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