कानपुर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग घोटाले में आठ दोषियों को पकड़ा

कानपुर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग घोटाले में आठ दोषियों को पकड़ा
कानपुर पुलिस के साइबर सेल ने एक बड़ी ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शनिवार को की गई, जब पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक विशेष अभियान चलाकर मुख्य साजिशकर्ताओं को धर दबोचा। गिरफ्तार लोगों की पहचान कानपुर के विभिन्न मोहल्लों के निवासियों के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे।
यह घोटाला कई महीनों से चल रहा था, जिसमें इन लोगों ने फर्जी ऑनलाइन खातों और भ्रामक प्रथाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों को ठगा। पीड़ितों, जिनमें मुख्य रूप से छात्र और युवा पेशेवर शामिल थे, से बड़ी राशि वसूली गई। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क न केवल खिलाड़ियों को बेवकूफ बनाकर उनकी धनराशि हड़पता था, बल्कि खेलों में अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए सिस्टम में हेरफेर भी करता था। इस पूरे नेटवर्क से करोड़ों रुपये की आर्थिक हानि होने का अनुमान है।
कानपुर पुलिस की यह कार्रवाई विशेष टास्क फोर्स (एस टी एफ) के समन्वय से की गई, जिसने डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण के माध्यम से पीड़ितों के खातों और गेमिंग प्लेटफॉर्म के बीच तकनीकी कड़ी का पता लगाया। इस तकनीकी साक्ष्य के आधार पर, पुलिस ने एक साथ छापेमारी की और सभी आठों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कानून की धाराओं के तहत, पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आई पी सी) की धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति की चोरी), 467 (जालसाजी) और सूचना प्रौद्योगिकी (आई टी) अधिनियम, 2000 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में अब शेष दोषियों को ढूंढने और अवैध रूप से कमाए गए धन की वसूली पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
कानपुर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के प्रति जागरूक रहने की अपील की है। उनका कहना है कि ऐसे अवैध प्लेटफार्मों और भ्रामक प्रथाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह गिरफ्तारी शहर में ऑनलाइन गेमिंग के क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक कड़ा संदेश है।
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